बहादुरगढ़ आज तक, विनोद कुमार
शहर क वैश्य आर्य कन्या विद्यालय में समकालीन भारतीय महिला लेखन विषय पर शनिवार को अंतरराष्ट्रीय सेमिनार का आयोजन किया गया। इस एक दिवसीय सेमिनार में अनेक शिक्षाविदों व शोधविद्यार्थियों ने अपने विचार रखे। इस एक दिवसीय सेमिनार में अमेरिका की लोवा यूनिवर्सिटी से प्रो. कैरोलिन डी हेजिंग ने गेस्ट ऑफ आनर, रोहतक नगर निगम के आयुक्त प्रदीप कुमार व महर्षि दयानंद यूनिवर्सिटी के रजिस्ट्रार डॉ. जितेंद्र भारद्वाज ने मुख्यअतिथि, एमडीयू के प्रो. जयबीर सिंह हुड्डा, प्रो. रणदीप राणा, सीडीएलयू से प्रो. उमेद सिंह ने विषय विश्ेषज्ञ के रूप में शिकरक्त की। सेमिनार का शुभारम्भ मुख्य अतिथि व अन्य अतिथियों ने दीप प्रज्वलित कर विधिवत रूप से किया। इस के पश्चात प्राचार्य डॉ. राजवंती शर्मा ने स्वागत भाषण दिया। मुृख्य अतिथि के रूप में रोहतक नगर निगम के आयुक्त प्रदीप कुमार ने अपने संबोधन में कहा कि महिलाओं में संवेदना का अतुल्य खजाना होता है। नारी अपनी अनुभूतियों और संवेदनाओं को कलम के माध्यम से बेहतर तरीके से उकेरती है। गेस्ट ऑफ आनर क रूप में उपस्थित रही अमेरिका की लोवा यूनिवर्सिटी से प्रो. कैरोलिन डी होजिंंग को सम्मानित किया गया। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि महिला द्वारा हुई अभिव्यक्तियों को नकारने की कोशिश की गई। किंतु निडर महिला रचनाकारों ने अपनी साधना जारी रखी। आज साहित्य की विभिन्न विधाओं में महिलाओं से कोई क्षेत्र अछूता नहीं है। प्रो. कैरोलिन ने भारत भ्रमण के अपने अनुभव से बताया कि उन्होंने भारत में देखा कि यहां पर मां सरस्वती, मां लक्ष्मी, मां काली व गौमाता के रूप में मातृशक्ति को पूजा जाता है। जबकि उनके पश्चिम के देशों में देवियों की पूजा नहीं होती। उन्होंने भारत देश की सराहना की कि यहां पर पर मातृृशक्ति की प्रतीक देवीे को भी पूजा जाता है। उन्होंने बताया कि वे भारत के विभिन्न हिस्सों में गई हैं, यहां पर मातृशक्ति खेतों में भी पसीना बहाती है, स्कूलों, कॉलेजों में पढ़ाती है। उन्होंने अपने अनुभव से बताया कि भारतीय नारी किसी भी क्षेत्र में भारतीय पुरूष से पीछे नहीं है। उन्होंने बताया कि आज जरूरत है उस मातृशक्ति को पहचानकर उसे समाज व लेखन में उचित मान-सम्मान देने की । समापन सत्र में मुख्यअतिथि के रूप में महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार डॉक्टर जितेंद्र भारद्वाज ने कहा कि लेखन के क्षेत्र में केवल औरत पूरी समाज व्यवस्था है। मुख्य वक्ता के रूप में प्रोफेसर जयबीर हुड्डा, प्रो. रणदीप राणा और प्रो. उमेद सिंह ने भी अपने विचार रखे। बहादुरगढ़ शिक्षा सभा के अध्यक्ष श्रीनिवास गुप्ता ने भी छात्राओं को संबोधित किया। सभी अतिथियों को स्मृति चिन्ह भेंट किए गए।
