बहादुरगढ़ आज तक, विनोद कुमार
पूर्व चेयरमैन रवि खत्री ने भाजपा सरकार से खरीफ की फसल बीमा योजना के प्रीमियम में की गई बढ़ौतरी को वापस की मांग की। उन्होंने कहा कि वैश्विक महामारी कोरोना की वजह से लॉकडाउन लगा है जिससे गरीब आदमी समेत किसान वर्ग व उद्योगपतियों की कमर टूट चुकी है। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार किसान विरोधी सरकार है। ऐसे में सरकार के दावे केवल कागजों तक ही सिमट कर रह गए हैं। पूर्व चेयरमैन रवि खत्री ने कहा कि इस वर्ष 2020 में खरीफ फसल की बुआई के समय सरकार द्वारा किसानों के हिस्से की बीमा प्रीमियम में बढ़ौतरी की घोषणा की गई है जो पूर्णतया निंदनीय है। पूर्व चेयरमैन रवि खत्री ने कहा कि कपास में सरसों पर बीमा प्रीमियम की बढ़ौतरी बहुत ज्यादा है जो कि कपास पर 620 रुपए बढ़ाकर 1650 रुपए प्रति एकड़ कर दी गई है। उन्होंने कहा कि पहले कपास की फसल पर जो 3 प्रतिशत सब्सिडी प्रीमियम हरियाणा सरकार द्वारा दिया जा रहा था उसे वापस लेना किसानों तथा खेती के प्रति सरकार की बेरुखी को दर्शाता है। रवि खत्री ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा हाल ही में तीन अध्यादेश जारी हुए हैं तथा कीटनाशक दवाइयों पर जो प्रतिबंध लगाया है। उन्होंने इन सभी निर्णयो को किसान विरोधी बताया है। उन्होंने कहा कि किसान कमेरे वर्ग की वजह से देश में अन्नदाता कहलाते है। रवि खत्री ने कहा कि कपास व सरसों पर बढ़ी हुई बीमा प्रीमियम राशि को सरकार वापस ले।
आर्थिक मंदी से जूझ रहे लोगों को राहत पैकेज दे सरकार : रवि खत्री
रवि खत्री ने कहा कि आज प्रत्येक वर्ग आर्थिक मंदी की मार से जूझ रहा है। उन्होंने कहा कि लॉकडाउन की वजह से आज उधोग धंधे ठप हो गए है। रवि खत्री ने सरकार से मांग करते हुए कहा कि सरकार को आर्थिक पैकेज देना चाहिए ताकि लोगों को राहत मिल सकें। इस अवसर पर सुल्तान सिंह, रामफल खत्री, विजय शर्मा, राजेश पहलवान, नीरज जांगड़ा, सोनू, अमित छिल्लर आदि मौजूद रहें।
फोटो कैप्शन : पूर्व चेयरमैन रवि खत्री किसानों की समस्या सुनते